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अधूरी नींद के कारण उन्‍हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

QUICK BITES
  • 14 मार्च को अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर विश्व नींद दिवस मनाया जाता है।
  • अधूरी नींद के कारण उन्‍हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। 
  • 96% हृदय रोगियों में नींद के दौरान श्वसन संबंधी समस्या पाई जाती है।


अब सिर्फ इसलिए नहीं सोते हैं क्योंकि हमें नींद आती है बल्कि नींद हमारे शरीर के लिए चार्जर का काम भी करती है। जब हम सोते हैं तो शारीरिक और मानसिक शांति मिलने के साथ ही हमारा मस्तिष्क चार्ज भी होता है। 15 मार्च को अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर विश्व नींद दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद लोगों को नींद की पूर्ति के प्रति जागरुक करना है।  काम के चक्‍कर में लोग अकसर देर रात तक जागते रहते हैं। और सुबह फिर वे जल्‍दी उठ जाते हैं। इस कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती और इस अधूरी नींद के कारण उन्‍हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

दिल के लिए है खतरनाक
नींद और हृदय गति का गहरा संबंध होता है। एक ताजा में शोध में यह बात सामने आयी है। दिल्‍ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल में हृदय रोगियों पर किए गए ताजा अध्ययन में पाया गया कि 96 फीसदी हृदय रोगियों में नींद के दौरान श्वसन संबंधी समस्या पाई जाती है। एक अन्य अध्ययन में यह बात साफ हुई थी कि 58 प्रतिशत हृदय रोगी नींद संबंधित समस्या से ग्रसित होते हैं और इनमें से 85 फीसदी को इस समस्या तथा हृदय रोग और नींद की कमी के संबंध का पता नहीं होता।

बनती है ओबेसिटी का कारण
न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ओटागो के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन के बाद कहा कि नींद की कमी के कारण किशोरों को मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। शोध से यह भी साफ हुआ कि किशोरियों के मामले में ऐसा नहीं है। यदि कोई किशोरी कम नींद ले पाती है तो उसे इस कारण मोटापे की समस्‍या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बढ़ता है तनाव का खतरा
अगर अनिद्रा के लक्षणों का जल्द निदान और इलाज ना कराया जाए, तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। एक अध्ययन में यह बात साफ हुई थी कि नींद न आने पर रोगी हमेशा के लिए अवसाद का शिकार हो सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति के मस्तिष्क का न्यूरोट्रांसमीटर क्षीण हो जाता है। यदि अवसाद का समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्थिति बन जाती है।
चिड़चिड़ापन भी होता है
जब आपकी नींद पूरी नहीं होती, तो स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना लाजमी है। ऐसे लोगों को बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है। वे चिंता या अवसाद का शिकार हो सकते हैं। उनका बर्ताव भी असामान्‍य हो सकता है। उनकी स्‍मरण शक्ति पर भी असर पड़ता है और वे किसी बात पर अच्‍छी तरह ध्‍यान नहीं दे पाते।

याददाशत होती है कमजोर

अगर आप बढ़ती उम्र के साथ पर्याप्त नींद नहीं ले रहे, तो सावधान हो जाइए। आपके दिमाग के घटते आयतन का संबंध कम नींद से हो सकता है। ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन के मुताबिक, नींद की कमी का संबंध मस्तिष्कता के विभिन्न भागों जैसे अग्रभाग (फ्रंटल), कालिक (टेंपोरल) के आयतन में तेजी से कमी से हो सक है।

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