बीबीसी हिंदी संवाददाता प्रियंका दुबे को मिला पत्रकारिता का प्रतिष्ठित 'चमेली देवी जैन' पुरस्कार
बीबीसी हिंदी सेवा की संवाददाता प्रियंका दुबे को साल 2018 के पत्रकारिता के प्रतिष्ठित 'चमेली देवी जैन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. प्रियंका बीबीसी के दिल्ली ब्यूरो में पिछले एक साल से ज़्यादा वक़्त से 'बाइलिंगुअल जर्नलिस्ट' के तौर पर काम कर रही हैं.
पिछले 37 सालों से चमेली देवी जैन पुरस्कार हर साल भारत की एक सर्वश्रेष्ठ महिला पत्रकार को दिया जाता रहा है. इस पुरस्कार का नाम भारतीय स्वतंत्रता सेनानी चमेली देवी की याद में रखा गया है. पत्रकार के साल भर के काम के मूल्यांकन के अधार पर उसे पुरस्कार के लिए चुना जाता है.
'द ट्रिब्यून' अख़बार के पूर्व संपादक हरीश खरे के नेतृत्व वाला संस्थान 'द मीडिया फ़ाउंडेशन' चमेली देवी पुरस्कार देता है. इस सम्मान के लिए पूरे भारत से जानी-मानी महिला पत्रकार अपना नामांकन देती हैं.
किसने चुना प्रियंका को?
इस बार अवॉर्ड की जुरी में 'कैच न्यूज़' के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण, न्यूज़ एक्स की नेशनल एडिटर (न्यूज़) शीला भट्ट और इंडियन एक्सप्रेस की नेशनल ओपिनियन एडिटर वंदिता मिश्रा शामिल थे.
इस साल अवॉर्ड के लिए कुल 30 नामांकन आए थे जिसमें से ज्यूरी ने 10 पत्रकारों को शॉर्टलिस्ट किया और इस तरह आख़िरकार प्रियंका को साल 2018 के लिए चमेली देवी जैन अवॉर्ड के लिए चुना गया.
किस आधार पर मिला पुरस्कार
प्रियंका दुबे को यह पुरस्कार उनकी विविधतापूर्ण, खोजी और महत्वपूर्ण सवाल उठाने वाली विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए दिया गया.
'द मीडिया फ़ाउंडेशन' द्वारा जारी किए एक बयान में कहा गया कि प्रियंका को ये पुरस्कार मौजूदा वक़्त के ज्वलंत और जटिल राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर की गई रिपोर्टिंग के लिए दिया गया.
फ़ाउंडेशन के मुताबिक़ प्रियंका की न्यूज़ रिपोर्ट्स आज के गंभीर मुद्दों की उलझी हुई सच्चाई की परतें खोलने का काम करती हैं.
बीबीसी हिंदी सेवा की संवाददाता प्रियंका दुबे को साल 2018 के पत्रकारिता के प्रतिष्ठित 'चमेली देवी जैन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. प्रियंका बीबीसी के दिल्ली ब्यूरो में पिछले एक साल से ज़्यादा वक़्त से 'बाइलिंगुअल जर्नलिस्ट' के तौर पर काम कर रही हैं.
पिछले 37 सालों से चमेली देवी जैन पुरस्कार हर साल भारत की एक सर्वश्रेष्ठ महिला पत्रकार को दिया जाता रहा है. इस पुरस्कार का नाम भारतीय स्वतंत्रता सेनानी चमेली देवी की याद में रखा गया है. पत्रकार के साल भर के काम के मूल्यांकन के अधार पर उसे पुरस्कार के लिए चुना जाता है.
'द ट्रिब्यून' अख़बार के पूर्व संपादक हरीश खरे के नेतृत्व वाला संस्थान 'द मीडिया फ़ाउंडेशन' चमेली देवी पुरस्कार देता है. इस सम्मान के लिए पूरे भारत से जानी-मानी महिला पत्रकार अपना नामांकन देती हैं.
किसने चुना प्रियंका को?
इस बार अवॉर्ड की जुरी में 'कैच न्यूज़' के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण, न्यूज़ एक्स की नेशनल एडिटर (न्यूज़) शीला भट्ट और इंडियन एक्सप्रेस की नेशनल ओपिनियन एडिटर वंदिता मिश्रा शामिल थे.
इस साल अवॉर्ड के लिए कुल 30 नामांकन आए थे जिसमें से ज्यूरी ने 10 पत्रकारों को शॉर्टलिस्ट किया और इस तरह आख़िरकार प्रियंका को साल 2018 के लिए चमेली देवी जैन अवॉर्ड के लिए चुना गया.
किस आधार पर मिला पुरस्कार
प्रियंका दुबे को यह पुरस्कार उनकी विविधतापूर्ण, खोजी और महत्वपूर्ण सवाल उठाने वाली विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए दिया गया.
'द मीडिया फ़ाउंडेशन' द्वारा जारी किए एक बयान में कहा गया कि प्रियंका को ये पुरस्कार मौजूदा वक़्त के ज्वलंत और जटिल राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर की गई रिपोर्टिंग के लिए दिया गया.
फ़ाउंडेशन के मुताबिक़ प्रियंका की न्यूज़ रिपोर्ट्स आज के गंभीर मुद्दों की उलझी हुई सच्चाई की परतें खोलने का काम करती हैं.

Knowledgeable post ..Keep it up .
ReplyDeleteThanks for your apriation .
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